देवरिया जिले का चर्चित एस.एस. मॉल धर्मांतरण मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। कई दिनों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी उस्मान गनी को आखिरकार पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया।
खास बात यह है कि पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है।
पूरा मामला क्या था?
7 सितंबर को देवरिया के सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के एस.एस. मॉल को लेकर एक महिला ने तहरीर दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि मॉल में अवैध धर्मांतरण की गतिविधियाँ चल रही हैं और महिलाओं के साथ गलत व्यवहार भी किया जा रहा है।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच की और मामला दर्ज कर लिया। मुख्य आरोपी के रूप में सामने आए उस्मान गनी पर कई धाराएँ लगाई गईं —
धारा 354(ख) भादवि (महिला से छेड़छाड़ व गलत नीयत से संबंधित)
धारा 3/5(1) धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम
धारा 67(ए) आईटी एक्ट (ऑनलाइन आपत्तिजनक गतिविधियाँ)
इसके बाद से आरोपी फरार हो गया और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
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कैसे हुई गिरफ्तारी?
पुलिस अधीक्षक देवरिया विक्रान्त वीर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसओजी और कोतवाली पुलिस की टीम बनाई। कई दिनों की तलाश के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है।
सोमवार को पुलिस टीम ने छापेमारी कर कमता ओवरब्रिज के नीचे से उस्मान गनी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की।
पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं लोग
इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने इससे पहले गौहर अली नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब पुलिस की नज़र उस्मान गनी की पत्नी तरन्नुम जहां पर है, जिसके खिलाफ भी मामला दर्ज है और उसकी तलाश की जा रही है।
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आरोपी ने मान लिया जुर्म
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उस्मान गनी से पूछताछ की तो उसने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया। यानी अब पुलिस के पास न सिर्फ सबूत हैं बल्कि आरोपी का कबूलनामा भी है।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
उस्मान गनी का आपराधिक इतिहास भी साफ-साफ दिखाता है कि यह उसका पहला अपराध नहीं है।
साल 2022 में खुखुन्दू थाने में उसके खिलाफ मारपीट, धमकी और गुंडागर्दी से जुड़े कई गंभीर केस दर्ज किए गए थे।
यानी वह पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में एक जाना-पहचाना नाम था।
लोगों की प्रतिक्रिया
इस घटना ने पूरे देवरिया जिले में हलचल मचा दी थी। कई लोग डर और गुस्से में थे, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि अगर ऐसी गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो माहौल और बिगड़ सकता था।
निष्कर्ष
देवरिया का यह मामला दिखाता है कि कानून के शिकंजे से कोई बच नहीं सकता। चाहे आरोपी कितनी भी कोशिश करे, आखिरकार उसे पकड़ा ही जाएगा। अब देखने वाली बात यह है कि पुलिस बाकी आरोपियों को कब तक पकड़ती है और अदालत इस केस में क्या फैसला सुनाती है।
देवरिया जिले के चर्चित एस.एस. मॉल धर्मांतरण मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी उस्मान गनी को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की एसओजी और कोतवाली टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे चिनहट थाना क्षेत्र स्थित कमता ओवरब्रिज के नीचे से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने न केवल अपना जुर्म कबूल किया बल्कि धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने की बात भी स्वीकार की। इस प्रकरण में पहले ही गौहर अली नाम का आरोपी जेल भेजा जा चुका है, जबकि उस्मान गनी की पत्नी तरन्नुम जहां की तलाश अब भी जारी है।
उस्मान गनी पर धारा 354(ख) भादवि, धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और आईटी एक्ट की धाराएँ लगाई गई हैं। इसके अलावा उसका आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसमें 2022 में दर्ज गंभीर मुकदमे शामिल हैं। इस गिरफ्तारी ने न केवल पुलिस प्रशासन की सक्रियता को दिखाया है बल्कि जिले में फैली आशंका और डर को भी कम किया है। स्थानीय लोग इस कार्रवाई को राहत भरा कदम मान रहे हैं।
देवरिया का यह मामला प्रदेश में धर्मांतरण कानून के सख्त होते रवैये का ताज़ा उदाहरण है और यह दिखाता है कि अपराधी चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।